रूद्र तुम्हारा मुंडन बड़े धूम धाम से २३ अक्टूबर को हरिद्वार के कुशावर्त घाट पर संपन्न हुआ , उसके बाद घर पर मुंडन के बाद भगवान् सत्य नारायण भगवान् की कथा कही गई । पूरा कार्यक्रम ९ दिनों तक चला । पापा ने सबके लिए बहुत अच्छी व्यवस्था घर और धरम शाला और होटल में कराइ थी। बेटा एक तरह से तुम्हे पूरे परिवार का आशीष दिलवाने का जो मेरा सपना था वह भी पूर्ण हुआ।
मुंडन के लिए जाते समय तुम्हारी दादियों ने मंगल गान गया। बुआ जी ने तुम्हारे बाल अपने आँचल में लिए , तुम्हारी तरफ़ से सबको वस्त्र आभूषण भी दिया गया । हाँ तुम्हारे साथ तुम्हारे छोटे भाई मंचन का भी मुंडन संपन्न करवा दिया गया था ।
उसके बाद पापा ने सबको हरिद्वार के मुख्या मुख्या मन्दिर , मसूरी के दर्शनीय स्थल और पतंजलि योगपीठ में आचार्य बाल क्रिशन जी से सबकी भेंट भी करा दी ।
कुल मिला का सारा कार्यक्रम प्रभु कृपा और पितरों के आशीर्वाद से सुख पूर्वक संपन्न हुआ।
अब बस ये प्राथना है की तुम भविष्य में अपने कुटुंब की कीर्ति और गौरव को बहुत आगे बढाओ और संसार में अपनी कीर्ति पताका फहराओ। इश्वर तुम्हे बुद्धि और सौभाग्य से हमेशा परिपूर्ण रखे और तुम पर सदैव अपनी कृपा दृष्टि रखे । तुम्हे पूरे कुटुंब का स्नेह और सहयोग आशीष के रूप में मिलता रहे .तुम दीर्घायु हो। इसी कामना और प्यार के साथ तुम्हारी मम्मी.
बुधवार, ४ नवम्बर २००९
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4 टिप्पणियाँ:
आमीन ......... खूब नाम रोशन करो .....
मुंडन वाली फोटो भी तो दिखाओ :)
अरे वाह भाई अब ये प्यारे से बाल नही रहे..........
रुद्र को ढेर सारा प्यार......
और अब की फोटो दिखाओ प्यारे......
फोटो दिखाओ...
प्यार..
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